Durgun ne Koi Kahi Aavo
दूर्गुणने कोई कही आवो
दूर्गुणने कोई कही आवो, कही आवो कोई कही आवो,
संदेशो मारो दई आवो, दई आवो कोई दई आवो,
तारा ताबे थावुं नथी, अने दुर्गतिमा हवे जाबुं नथी
दुर्गुणने कोई…
क्रोधने कहेजो आवे लई हथियार, ढाल क्षमानी राखी में तैयार,
कोई गाळ दे, एने प्यार दऊँ, शक्ति छतां, समता धरं…
पण क्रोधी मारे थातुं नथी, अने दुर्गतिमां हवे जावु नथी…
दुर्गुणने कोई…
मानने कहेजो आवे रणमेदान, नम्र बनीने खेलं हूँ संग्राम,
मने जे मळ्युं, मारुं नथी, बीजा थकी, सारु नथी,
पण अभिमानी मारे थातुं नथी, अने दुर्गतिमां हवे जावु नथी..
दुर्गुणने कोई.
मायाने कहेजो छोडे एना बाण, निर्मळ थईने आएं हूँ आह्वान,
सुख ना मळे, तो ना मळे, दु:खना टळे, तो ना टळे,
पण कपटी मारे थातुं नथी, अने दुर्गतिमां हवे जावु नथी… ।
दुर्गुणने कोई…
लोभने कहेजो तु सौनो सरदार, मारे पण संतोष तणो सहुकार,
तु घा करे, तृष्णा तणो, हूँ साथ लऊँ, तृप्ति तणो,
पण लोभी मारे थातुं नथी, अने दुर्गतिमां हवे जा नथी…
दुर्गुणने कोई…
Name of Song : Durgun ne Koi Kahi Aavo
Language of Song : Hindi
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